अब इसका भारत मौसम विभाग से निरीक्षण होना है। सूत्रों के मुताबिक मुक्तेश्वर और मसूरी में डॉप्लर राडार लगने के बाद इनकी रेंज में केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम समेत राज्य का अधिकांश हिस्सा आ जाएगा, लेकिन बदरीनाथ धाम के साथ ही चमोली समेत भीतरी जिलों के कुछ हिस्से नहीं आ पाएंगे। इसे देखते हुए अब एक और डॉप्लर राडार की मांग केंद्र सरकार से करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके स्वीकृत होने पर तीसरा राडार चमोली जिले में लगाया जा सकता है। उधर, सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी ने बताया कि सरकार की पहली प्राथमिकता मुक्तेश्वर और मसूरी में डॉप्लर स्थापित करने पर है। इनका कवरेज देखने के बाद तीसरे राडार के लिए प्रयास किए जांएगे।