गोरखपुर : सावन में शुरू हुई बरसात अब बाढ़ को लेकर खतरे का संकेत दे रही है। राप्ती नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से कालेसर गांव के पास बांध पर नदी का दबाव बढ़ रहा है। बांध के पास हो रही कटान को देख लोग बाढ़ की आशंका से भय में हैं। इधर बरसात के चलते बांध की मिट्टी कटकर नदी में विलीन हो रही है, जिससे आस-पास के गांवों के लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं।
सहजनवां तहसील के लोग मौसम की बेरूखी से पहले से ही परेशान चल रहे हैं। बारिश के अभाव में धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई थी। अषाढ़ में बरसात नहीं होने के कारण किसान सूखा पड़ने को लेकर सशंकित थे लेकिन सावन के आते ही मौसम ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। पिछले कई दिनों से कभी तेज तो कभी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बरसात से किसानों के चेहरों पर भले ही मुस्कान दिख रही है, लेकिन राप्ती नदी के जलस्तर में भी वृद्धि होने लगी है। राप्ती सिसई और कालेसर के पास लगातार दबाव बनाए है। सिसई में ठोकर पर बालू भरी बोरी डालकर पानी के कहर से बांध को बचाने का प्रयास हो रहा है लेकिन कालेसर में नदी लगातार बांध पर दबाव बना रही है। इतना ही नहीं नदी बोक्टा-बरवार बांध के किमी 2.500 से लेकर 2.950 तक कालेसर के नजदीक तेजी से कटान कर रही है और इसके बांध तक जल्द ही पहुंचाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। राप्ती में पानी बढ़ने के साथ ही आमी भी उफान की तरफ बढ़ रही है। ग्रामीणों का दावा है कि लगातार बरसात होने और राप्ती नदी में पानी बढ़ने से आमी भी कहर मचाने में पीछे नहीं रहेगी।

