पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का लम्बी बीमारी के बाद गुरुवार शाम पांच बजकर पांच मिनट पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया। एम्स के मीडिया एवं प्रोटोकाल डिविजन की अध्यक्ष प्रो आरती विज की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि गहरे शोक के साथ हम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन की सूचना दे रहे हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि वाजपेयी को 11 जून 2018 को एम्स में भर्ती कराया गया था और डाक्टरों की निगरानी में पिछले नौ सप्ताह से उनकी हालत स्थिर बनी हुई थी। एम्स के अनुसार, दुर्भाग्यवश, उनकी स्थिति पिछले 36 घंटों में बिगड़ी और उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया। हमारे सर्वश्रेष्ठ प्रयासों के बावजूद आज हमने उन्हें खो दिया। एम्स ने कहा कि हम पूरे देश को हुई इस अपूरणीय क्षति एवं दुख में शरीक हैं।
वाजपेयी की हालत बिगडने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार शाम उनका हाल चाल जानने के लिए एम्स गये थे और डाक्टरों से उनके स्वास्थ्य के बारे में बातचीत की थी। कई केन्द्रीय मंत्री और अन्य नेता भी रात में एम्स गये थे। प्रधानमंत्री आज दोपहर दोबारा उन्हें देखने एम्स गये और डाक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा बुधवार रात और आज दिन में काफी देर तक अस्पताल में ही रहे। भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह बुधवार रात से तीन बार वाजपेयी का हालचाल जानने अस्पताल गये। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू भी उन्हें देखने आज सुबह अस्पताल गये।
भाजपा और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का आज दिनभर एम्स में तांता लगा रहा। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, विभिन्न केन्द्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य नेता उन्हें देखने एम्स पहुंचे। असम के मुख्यमंत्री सवार्नंद सोनोवाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान , बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई राजनेता अपने कार्यक्रम बीच में छोडकर दिल्ली पहुंचे। Photos: नहीं रहे वाजपेयी, तस्वीरों में देखें 'अटल' सफरनामा
वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। वह पहली बार 1996 में प्रधानमंत्री बने और उनकी सरकार सिर्फ 13 दिनों तक ही रह पाई। 1998 में वह दूसरी बार प्रधानमंत्री बने, तब उनकी सरकार 13 महीनों तक चली थी। 1999 में वाजपेयी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने और 5 सालों का कार्यकाल पूरा किया।
पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि अटल जी आज हमारे बीच में नहीं रहे, लेकिन उनकी प्रेरणा, उनका मार्गदर्शन, हर भारतीय को, हर भाजपा कार्यकर्ता को हमेशा मिलता रहेगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और उनके हर स्नेही को ये दुःख सहन करने की शक्ति दे। ओम शांति !
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद ट्विट कर कहा कि भारत ने अपना एक महान बेटा खोया है। अटल जी को करोड़ों लोग प्यार करते थे और उनका सम्मान करते थे।
अटल बिहारी वाजपेयी जीवन परिचय
- 25 दिसंबर 1924 में ग्वालियर में जन्म हुआ
- सरस्वती शिशु मंदिर से स्कूली शिक्षा पूरी हुई
- लक्षमीबाई कॉलेज ग्वालियर से स्नातक की पढ़ाई की
- डीएवी कॉलेज कानपुर से परास्नातक की उपाधि ली
भारत छोड़ों आंदोलन से सियासी सफर की शुरुआत
1942 : भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लिया, संघ की गतिविधि में शामिल होने के कारण 24 दिन जेल में रहे
1951 : जनसंघ में शामिल हुए, 1957 में दल के नेता के रूप में स्थापित हुए
1957 : पहली बार उत्तरप्रदेश के बलरामपुर से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए
1962 : राज्यसभा के लिए पहली बार निर्वाचित हुए
1968 : जन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने
1975 : आपातकाल के दौरान गिरफ्तार किया गया
1977-79 : मोराजी देसाई सरकार में विदेशमंत्री बने
1980 : भाजपा की स्थापना की और नई पार्टी के अध्यक्ष बने
1996 : लोकसभा चुनाव जीतने पर प्रधानमंत्री बने, पर 13 दिन ही चली सरकार
19 मार्च 1998 : मध्यावधि चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली गठबंधन को जीत मिली, दूसरी बार बने प्रधानमंत्री
17 अप्रैल 1999 : एक वोट से विश्वास मत हारने के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया
13 अक्तूबर 1999 : चुनाव में जीत मिलने के बाद एक बार फिर प्रधानमंत्री पद की शपथ ली
13 मई 2004 : लोकसभा चुनाव के नतीजों में भाजपा को मिली हार के बाद प्रधानमंत्री पद से त्यागपत्र दिया
फरवरी 2009 : फेफड़े में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, वेंटिलेटर पर रखे गए
25 दिसंबर 2014 : सरकार ने उनके जन्म दिन को गुड गवर्ने

