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Monday, 13 August 2018

जेल में बंद सुनील सिंह ने एफबी पोस्ट से साधा सीएम योगी पर निशाना, बोले वक्त से बड़ा कोई नहीं





गोरखपुर: हिन्दू युवा वाहिनी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह के खिलाफ गोरखपुर पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज किया है। इस बार उनके खिलाफ 15 लाख रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकदमा दर्ज होने के बाद सुनील सिंह के फेसबुक प्रोफाइल पर एक शायरी पोस्ट कर यह बताया गया है कि ये सारे मुकदमे झूठे हैं और दमन की यह कार्यवाई ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाएगी।


लगभग 16 घंटे पहले सुनील सिंह के प्रोफाइल पर लिखे गए इस शेर में कहा गया है कि,” जब कभी झूठ की बस्ती में, सच को तड़पते देखा है, तब मैंने अपने भीतर किसी, बच्चे को सिसकते देखा है, किस बात पे तू इतराता है, यहाँ वक़्त से बड़ा तो कुछ भी नहीं, कभी तारों से जगमग आसमाँ में, सितारों को टूटते देखा है! एक और झूठ …..एक और मुक़दमा !”


जानकारी के अनुसार सुनील सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनका फेसबुक प्रोफाइल उनके छोटे भाई हैंडल करते हैं। इससे पहले उनकी पत्नी भी एक पोस्ट डाल अपने पति को निर्दोष बता चुकी हैं।


बता दें कि बीते 31 जुलाई को समर्थकों के साथ एक आरोपी को छुड़ाने पहुंचे सुनील और उसके नौ अन्य साथियों को राजघाट पुलिस ने तीन अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया। उसके बाद एक उनके नाम की स्टीकर लगी कार से तमंचा और देशी बम बरामद होने पर सुनील सिंह के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया। अब पांचवा मुकदमा सुनील सिंह के पार्टनर राणा शेर बहादुर सिंह द्वारा किया गया है। राणा ने सुनील सिंह के ऊपर 15 लाख रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज कराया है। कैंट पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सुनील सिंह की गिरफ्तारी के बाद से ही सोशल मीडिया पर उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है। लोग सुनील सिंह की गिरफ्तारी और उनका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुए मनमुटाव दोनों को जोड़ कर देख रहे हैं।

इससे पहले सुनील सिंह के प्रोफाइल पर जेल से कविता नामक शीर्षक से भी एक पोस्ट डाली गयी थी। तब यह भी बताया गया था कि सुनील सिंह की अनुपस्थिति में उनका फेसबुक प्रोफाइल उनके छोटे भाई हैंडल कर रहे हैं।

वहीँ उनकी पत्नी कुसुम सिंह ने भी सुनील सिंह के प्रोफाइल पर एक पोस्ट डाल अपने पति को निर्दोष बताया था। उन्होंने कहा था कि वो न चाहते हुए भी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों के समक्ष उपस्थित हुईं। उन्होंने कहा था कि जिस व्यक्ति ने योगी की सेवा में अपने परिवार, बाल बच्चों का भी ख्याल नहीं रखा, वो आज अपने समर्पण और ईमानदारी का इनाम जेल की काल कोठरी के रूप में पा रहा है।

उन्होंने कहा था कि सुनील सिंह को जेल भिजवाने के पीछे कौन लोग हैं यह नहीं पता लेकिन इतना जरूर पता है की अगर किसी के लिए अपना ख़ून पसीना एक कर दिया जाय, अपने बीबी बच्चों के भविष्य को दाँव पर लगा दिया जाय तो उसका हश्र यह नहीं होना चाहिए की निराधार और फ़र्ज़ी मुक़दमे में उसे जेल में डाल दिया जाय और उसका और उसके बच्चों का भविष्य चौपट कर दिया जाय और अगर ऐसा है तो मुझे लगता है की दुनिया में भरोसा शब्द से लोगों का विश्वास उठ जाएगा।

दूसरी तरफ सुनील सिंह ने अपनी गिरफ्तारी को पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र की संज्ञा दी है। उन्होंने कहा था कि एक साजिश के तहत कार्यकर्ताओं को फँसाया जा रहा है। बिना वजह उनका उत्पीड़न किया जा रहा है जो किसी भी हाल में मंज़ूर नहीं। आज कार्यकर्ता के सम्मान और हिंदुत्व के लिए हिरासत में हूँ, कल को अगर फाँसी पर भी चढ़ना पड़े तो मेरे क़दम डगमगाए नहीं! जय श्री राम!

वहीँ कुछ लोगों ने सुनील सिंह के साथ योगी आदित्यनाथ की पुरानी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मार्मिक अपील भी कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने फोटो डाल यह लिखा है कि सुनील सिंह और योगी आदित्यनाथ की बचपन की जोडी कितनी मनमोहक है? आज परिस्थितियों ने कैसा इतिहास रच डाला? श्सुनील सिंह और योगी आदित्यनाथ जी के बीच दूरियाँ बढाने में आखिर कौन? श्री सुनील सिंह जी को जेल भेजवाने में अहम भूमिका किसकी? प्रतिदिन नये फर्जी धारायें बढवाने के पीछे किसका षड्यंत्र?

बता दें की कभी योगी आदित्यनाथ की परछाई रह चुके सुनील सिंह और गोरक्षपीठाधीस्वर के बीच मनमुटाव की नीव 2017 में हुए विधान सभा चुनाव के ठीक पहले पड़ी। एक ज़माने में योगी के खासमखास रहे सुनील सिंह विधान सभा चुनाव में गोरखपुर ग्रामीण सीट से टिकट की उम्मीद लगाए बैठे थे। टिकट उन्हें मिला नहीं। वहीँ से दोनों के रास्ते भी अलग ही गए।

सुनील सिंह ने तभी बगावती तेवर अपना लिए। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के मना करने के बाद भी युवा वाहिनी के उम्मीदवार घोषित कर दिये थे। जिसके बाद योगी आदित्यनाथ के कहने पर हिन्दू युवा वाहिनी से सुनील सिंह को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

हालांकि जब योगी मुख्यमंत्री बन वापस गोरखपुर लौटे तो सुनील सिंह अपने गुरु का आशीर्वाद लेने गोरखनाथ मंदिर पंहुच गए।