लखनऊ (जेएनएन)। तीन तलाक व हलाला पीडि़ताओं ने बुधवार को राज्य अल्पसंख्यक आयोग पहुंचकर आंसुओं के जरिये अपना दर्द बयां किया। किसी को ससुर के साथ तो किसी को देवर के साथ तो कई को पड़ोसी व मौलवी के साथ हलाला करना पड़ा। इसके बाद भी उनके पतियों ने नहीं अपनाया।
एक पीडि़ता ने तो यहां तक कह दिया कि इससे बेहतर था कि सीधे सूली पर ही चढ़ा दिया जाता। हलाला पीडि़ताओं की दर्द भरी दास्तां सुनकर राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने अब इनकी आवाज बनने का निर्णय लिया है।
आयोग बनेगा आवाज
कोई ससुर तो किसी का पड़ोसी से हलाला
आयोग ने डीएम-एसएसपी से मांगा जवाब
हलाला पीडि़ताओं का आयोग के सामने दर्द
हलाला के नाम पर हो रही वेश्यावृत्ति
हलाला पर रोकने को बिल लाना चाहिए
हलाला के खिलाफ कानून की मांग करेंगे
अध्यक्ष तनवीर हैदर उस्मानी ने कहा कि सभी पीडि़ताओं को इंसाफ दिलाया जाएगा। इस मामले में संबंधित जिलों के डीएम-एसएसपी से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि हलाला के नाम पर वेश्यावृत्ति हो रही है। सरकार को तीन तलाक की तरह हलाला पर प्रतिबंध लगाने के लिए विधेयक लाना चाहिए। उन्होंने बताया कि जल्द ही आयोग मुख्यमंत्री योगी से मिलकर हलाला के खिलाफ कानून बनाने की मांग करेगा। साथ ही हलाला को लेकर पीडि़त महिलाओं के दर्द की रिपोर्ट सीएम को सौंपी जाएगी। इस मौके पर सदस्य सोफिया अहमद, सरदार परविन्दर सिंह, कुंवर इकबाल हैदर, समाज सेविका फरहत नकवी आदि मुख्य रूप से उपस्थित थीं।

